Day 46. छत


एक वो दौर था जब हम छोटे थे , जब रात को खाने के बाद बिजली की कटौती होती थी , और सब छत पर भागते थे । लैम्प का शीशा चमका के और मिट्टी का तेल भरकर तैय्यार रखते थे, किसी के मकान ऊँचे नहीं थे और अपनी छत पर ख़ूब हवा लगती थी,…